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Showing posts from March, 2020

झुटो का मोहला

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एक बुजुर्ग ने अपने मुरीदो से कहा कि- में फला सहर में जाता हूं और झुटो के मोहले में रहा करूँगा। अगर तुम मुझसे मिलने आओ तो झुटो के मोहले ने आ जाना। वह बुजुर्ग उस सहर में चले गए और झुटो के मोहले में रहने लगे । कुछ दिनों के बाद उनके चंद मुरीद उनसे मिलने गए और लोगो से पूछना शुरु किया कि झुटो का मोहला कोनसा हे। लोग हैरान होकर जवाब देते क्या तुम पागल हो? तिमहार दिमाग खराब है ? इस सहर में कोई झुटो का मोहला नहीं है और यहाँ भी नहीं हो सकता कि सारे झुटे एक जगह आके रहने लगे । आखिर वह लोग हार -लाचार बेउमीद होकर सहर के एक किनारे पर कब्रिस्तान में जा निकले तो क्या देखते है कि पीर साहब वहा बेठे हे । मुलाकात के बाद उनसे पूछा गया कि हजरत ! लोगों ने हमको खूब पागल बनाया और सहर में किसी ने झुटो का मोहला नहीं बताया। यहाँ बात सुनकर उन बुजुर्ग ने फ़रमाया- की देखो! यह कब्रिस्तान झुटो का मोहला ही तो हे । यहाँ के रहने वाले सब झूट ही तो कहते थे कि- यह मेरा गांव हे। यह जमींन मेरी हे । यह मकान और दुकान मेरी हे ।यह बाग और जायदाद मेरी हे। यह समांन और मॉल मेरा हे। यह गाय, भेस,उट,बकरी, मेरी हे। यह ट्रक और बर्तन , ज...

ना हक़ खून करने की सजा

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इरशाद फ़रमाया अल्लाहताला ने - और जो कोई मुस्लमान को जानबूझ कर मार डाले तो उसकी सजा  दोझक हे जिसमे वह हमेशा रहेगा और उस पर अल्लाह का गजब होगा और उस पर अल्लाह की लानत पड़ेगी और अल्लाह ने उसके लिए बड़ा सख्त अजाब तैयार कर रखा है (सुरुतुल निसा)

किसी के घर में झांकने हराम है

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इरशाद फ़रमाया मोहम्मद साहब ने कि- आने की इजाजत मांगना तो नजर ही की वजह से हुवा हे(बुखारी) फायदा- इस हदीस सरीफ का मतलब यह है कि एक शक्श हुजूर ऐ अकरम (स०) के घर में झांकना चाहता था ।आपने उसको डाटा और फरमाया की अगर में तुझको झांकते हुवे देखता तो तेरी आखर फोड़ डालता क्योकि किसी के घर में झांकने ताकने मना है। घर में आने की इजाजत मांगना इसलिए मुक़र्रर हुवा हे कि आदमी की नजर गैर जगह न पड़े और जब तूने झाक तो इजाजत मांगने का क्या फायदा हुवा इस हदीस शरीफ से मालूम हुवा कि किसी के घर में झांकने ताकना हराम है। आजकल यह मसला न जानने की वजह से लोग इसा करते हे। इससे बचना चाहिये

95 लोगो को नहीं मालूम की गिरगिट को क्यों मारा जाता है

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मोहम्मद साहब ने इरशाद फ़रमाया क़ि - जो शख्स गिरगिट को एक ही वॉर में मार गिरा उसको 100 नेकिया मिलती है । और यह भी इरशाद फ़रमाया क़ि जब हजरत इब्राहिम (अ० स०) को आग में डाला गया तो गिरगिट उस आग में फूंक मारकार तेज कर रहा था (मुस्लिम व बुखारी सरीफ) इसमें गिरगिट को क्यों मारना चाहिए उसका भी जवाब मिलेगा हे